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(Tablighi Jamaat) आखिर क्या है 'तबलीगी जमात', कैसे इसने देश को संकट में डाल दिया और किसकी रही गलती...

आखिर क्या है 'तबलीगी जमात', कैसे इसने देश को संकट में डाल दिया और किसकी रही गलती...

 22 मार्च को सफलतापूर्वक आयोजित किए गए‘जनताकर्फ्यू’ और उसके बाद 24 मार्च  की रात से पूरे देश भर में शुरू किए गए 21 दिन के ‘लोक डाउन’(lockdown) के बाद यह लगने लगा था कि भारत विश्वव्यापी कोरोनावायरस को लेकर काफी सार्थक कदम उठा रहा है.
सधी हुई रणनीति के साथ निश्चित रूप से इस पर विजय भी पा लेगा. लेकिन लोक डाउन के हफ्ते भर बाद ही एक ऐसी खबर निकल कर सामने आती है जो देशवासियों के अब तक के सारे प्रयासों पर पानी फेरती दिखाई देती है.

 29 मार्च की रात से जब पुलिस दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से हजारों जमातियों  को बाहर निकाल कर और उन्हें हॉस्पिटल और क्वॉरेंटाइन सेंटर भेजना शुरु करती है ‘तबलीगी जमात’ यह शब्द काफी चर्चा में आ जाता है.
आज इस पूरे घटनाक्रम पर विश्लेषण किया जाएगा -

क्या हैं तबलीगी जमात का अर्थ -
आपकी जानकारी के लिए बता दें तबलीगी जमात का अर्थ- एक ऐसे समाज से माना गया है जो विश्वास फ़ैलाने का काम करता है.
यह एक तरह का इस्लामी मिशनरी मूवमेंट है जो सारे विश्व में सुन्नी इस्लाम धर्म के प्रचार को बढ़ाता है और यह मुसलमानों को मूल इस्लामी पद्धतियों की तरफ बुलाता है.

भारत में हुआ जन्म -
आपको यह भी बता दें कि तबलीगी जमात का जन्म भारत में ही हुआ था और मौलाना मोहम्मद इलियास ने इसके काम की नींव रखी थी.
कई बार इस आंदोलन की आलोचना भी हुई है.क्योंकि यह एक तरह का पुरातन पंथी आंदोलन है जो दकियानूसी विचारों की तरफ बढ़ता है.
आज तबलीगी जमात विश्व का एक बहुत बड़ा आंदोलन बन गया है. जिसमें विश्व के कई देशों के लगभग 15 करोड से 25 करोड़ तक सक्रिय सदस्य हैं.
अब बढ़ते हैं कि आखिर में दिल्ली में हुए तबलीगी जमात के 13 से 15 मार्च के बीच आयोजित सम्मेलन और इससे प्रसारित हुआ कोरोनावायरस का संक्रमण और इसके पीछे छुपा कानून का गंभीर उल्लंघन.

क्या रहा तबलीगी जमात का पूरा घटना क्रम -
बात शुरू होती है 13 मार्च से जब दिल्ली में निजामुद्दीन इलाके में लगभग 34 लोग इस जमात के लिए इकट्ठा होते हैं.
16 मार्च को दिल्ली की सरकार द्वारा आदेश दे दिया जाता है कि किसी भी तरह का धार्मिक सामूहिक कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे.
इसके बाद 20 मार्च की घटना है जिसमें इस जमात में शामिल हुए 10 इंडोनेशियाई नागरिक तेलंगाना पहुंचते हैं और इन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है.
23 मार्च को 15 सो लोग मरकज छोड़ते हैं.  26 मार्च को एक भारतीय मूल का नागरिक श्रीनगर में मृत पाया जाता है जिसने इस तबलीगी जमात में हिस्सा लिया था और कोरोना से संक्रमित हो गया था.
आपको बता दें इस व्यक्ति ने ट्रेन से ही श्रीनगर तक की यात्रा की थी.
27 मार्च को इसी इलाके में 6 कोरोनावायरस संक्रमित पाए जाते हैं.
28 मार्च को यहां के एसीपी द्वारा इस क्षेत्र को खाली करने का आदेश जारी कर दिया जाता है.
29 मार्च की रात को पुलिस द्वारा तबलीगी जमात के लोगों को बाहर निकालने का प्रारंभ किया जाता है लगभग 1000 लोग निकाले जाते हैं जिनमें से 300 को सीधा अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है और 700 लोगों को क्वॉरेंटाइन में भेजा जाता है.

तेलंगाना प्रशाशन ने जारी किया नोटिस -
अब इस घटना से उपजे भयावहता को देखिए तेलंगाना प्रशासन द्वारा ऑफीशियली अनाउंसमेंट की जाती है कि उनके राज्य में कोरोना के कारण हुई 6 मौतों का संबंध सीधा इस तबलीगी जमात में शामिल होना है.
तेलंगाना प्रशासन अपने लोगों से आग्रह करता है कि जिन जिन ने इस धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया था वे स्वत ही आगे आ जाए.
अंडमान निकोबार में भी इस जमात में शामिल हुए 6 लोग पॉजिटिव पाए जाते हैं और इन्होंने भी आवागमन के किसी न किसी साधन से यात्रा की थी.
जम्मू में एक 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो जाती है. वहीं आंध्र प्रदेश में भी एक व्यक्ति जिसने इस जमात में हिस्सा लिया था उसकी मृत्यु की खबर सामने आती है.

(Tablighi Jamaat) आखिर क्या है 'तबलीगी जमात', कैसे इसने देश को संकट में डाल दिया और किसकी रही गलती

कई देशों के नागरिक शामिल -
आपको बता दें इस जमात में न सिर्फ भारत और उसके पड़ोसी बल्कि विश्व के कई देशों के लोगों ने हिस्सा लिया. जिसमें मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, कुवेत, किर्गिस्तान, सऊदी अरब, नेपाल, म्यांमार आदि देशों के लोग शामिल थे.

मलेसिया और पकिस्तान में भी बरपा कहर -
अब एक और बात समझिए कि गलती कितनी बड़ी थी. ऑफिशियल रिसर्च में सामने आया कि मलेशिया में कोविड-19 का जो प्रसार हुआ उसके पीछे भी बहुत बड़ा कारण वहां पर आयोजित हुए तबलीगी जमात के धार्मिक आयोजन को माना गया.
इसी तरह पाकिस्तान में भी तबलीगी जमात के आयोजन के बाद अचानक कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ गई.
इसके बावजूद भारत में एक विशेष संप्रदाय द्वारा इस तरह का आयोजन किया गया और आयोजन के बाद भी इन्होंने प्रशासन का पूरी तरह सहयोग नहीं किया और अपने लोगों को छिपाते रहे.
जिसके कारण इतनी बड़ी सामूहिक गैदरिंग ने कोरोनावायरस के संक्रमण को काफी अधिक बढ़ा दिया.

देश में बड़ा खतरा -
यहां से निकले लोग न सिर्फ दिल्ली अपितु भारत के विभिन्न राज्यों में ट्रांसपोर्ट के विभिन्न साधनों से पहुंचे. अब आप अनुमान लगा सकते हैं कि इनके संपर्क में आए कितने लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ चुका है.
और वैश्विक महामारी से निजात पाने के भारत के प्रयासों को कितना गंभीर झटका लगा है.

गृह मंत्रालय ने की कार्यवाही -

हालांकि इस घटना के बाद दिल्ली प्रशासन और गृह मंत्रालय काफी प्रतिक्रियात्मक हुए. दिल्ली प्रशासन ने आदेश दिया कि इनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया जाए.
वहीं गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों से तबलीगी जमात में शामिल हुए लोगों की सूची साझा की और 800 इंडोनेशियाई तबलीगी जमातियों को वीजा नियमों का उल्लंघन करने के कारण उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया है.

फिलहाल आप सभी से निवेदन हैं की आप सब सरकारी निर्देशों का पालन करें और अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

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