सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Covid19 लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Status लगाने से लेकर मैसेज भेजने तक, कोरोना वायरस की वजह से WhatsApp में हुए ये बड़े बदलाव

कोरोना महामारी ( corona virus ) के बढ़ते प्रसार को देखते हुए देश और दुनिया के कई क्षेत्रों में लोक डाउन लगाया गया है. भारत में भी 21 दिन के लोक डाउन को लागू किया गया है जिसे संभवत आगे भी बढ़ाया जा सकता है. लोक डाउन के तहत जहां सरकार के प्रयास इस महामारी से देश को बचाने को लेकर है वही सरकार इस बात को लेकर भी चिंतित है कि सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने वाले मैसेज, वीडियोस आदि से किसी भी तरह की कोई पैनिक स्थिति उत्पन्न ना हो. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रसिद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने भी अपने कुछ फीचर्स में बड़े बदलाव किए हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में - स्टेटस की समय अवधि की 15 सेकंड - मोबाइल नेटवर्क में आ रही दिक्कत को कम करने के लिए वॉट्सऐप ने स्टेटस अपडेट में डाले जाने वाले वीडियो की समयसीमा 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड कर दी है. मैसेज फॉरवर्ड पर भी नियंत्रण - कोरोना वायरस से जुड़ी हुई विभिन्न तरह की भ्रामक तथा अनर्गल बातों के प्रचार को रोकने के लिए वॉट्सऐप ने फ्रिक्वेंटली फॉरवर्डेड मैसेज (Frequently Forwaded Messages) को सिर्फ एक चैट पर भेजने की लिमिट तय कर...

ICC ने किया चैलेंज: 131 केएल राहुल के बीच एक विराट कोहली को ढूँढ निकालो

ICC ने किया चैलेंज: 131 केएल राहुल के बीच एक विराट कोहली को ढूँढ निकालो कोरोना वायरस से फैल रही महामारी के चलते संपूर्ण देश में लोक डाउन लगाया गया है. न सिर्फ भारत बल्कि सारी दुनिया में ही अपने अपने नागरिकों को बचाने के लिए लॉक डाउन जैसे नियमों का पालन किया जा रहा है. इस वैश्विक महामारी के कारण ही कई महत्वपूर्ण सम्मेलनों बैठकों के साथ ही कई महत्वपूर्ण खेल आयोजनों को भी स्थगित किया गया है. इनमें टोक्यो ओलंपिक से लेकर विभिन्न क्रिकेट टूर्नामेंट और प्रतियोगिताएं शामिल है. क्रिकेट की दीवानगी जगजाहिर है लेकिन लेकिन इस वैश्विक संकट में क्रिकेट के दीवानों को अपनी और आकर्षित करने के लिए आईसीसी कोई भी मौका नहीं छोड़ रही है. इन दिनों लगातार आईसीसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर तरह-तरह के पोस्ट्स और एक्टिविटीज सामने आती रहती है जो क्रिकेट के फैंस के लिए काफी सुकून भरी रहती है. हाल ही में आईसीसी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक 131 चेहरों वाली इमेज को पोस्ट किया है. यह काफी छोटी छोटी इमेज है इनमें से 130 फोटोस तो केएल राहुल की है वही एक फोटो विराट कोहली की है. देखने वालों के लिए चैलेंज है कि ...

कोरोनावायरस: यदि बाहर से मंगा रहे हैं खाना तो इन बातों का रखे विशेष ध्यान

कोरोनावायरस: यदि बाहर से मंगा रहे हैं खाना तो हो जाएं सतर्क इस समय पूरे देश में एक जिस महामारी ने अपना आतंक फैला रखा है वह है कोरोनावायरस. कोरोनावायरस काफी अधिक संक्रामक है जो एक से दूसरे व्यक्ति में काफी जल्दी ट्रांसफर होता है. इस समय जब पूरे देश में लॉक डाउन चल रहा है तो कइ लोग ऑनलाइन अथवा अन्य माध्यम से बाहर से खाना मंगा रहे हैं. यदि आप भी उनमें से हैं तो कुछ बातें हैं जिनका आपको ध्यान रखना बेहद आवश्यक है - अगर आप पर यह सब्जी ला रहे हैं तो सबसे पहले उन्हें पानी में अच्छी तरह धोएं.  यदि कोई पैकिंग वाला खाना मंगा रहे हैं तो उसे 72 घंटे पहले या तो स्टोर करें अथवा उसे स्प्रे करके संक्रमण रहित बनाएं. इसके साथ ही जिस प्लास्टिक के गिलास के कंटेनर में खाना पैक करके आया है उसे आप सैनिटाइज वाइप से साफ़ कर ले और खाली करके कचरा पात्र में फेंक दें. एक विशेष बात जो आपको ध्यान रखनी है आपको खाना डिलीवरी करने आए व्यक्ति के संपर्क में नहीं आना है हो सके तो ऑनलाइन पेमेंट का सहारा लें. यदि आप पिज्जा मंगाते हैं तो यह अच्छा होगा कि आप पिज़्ज़ा खाने से पहले माइक्रोवेव में कम स...

(Tablighi Jamaat) आखिर क्या है 'तबलीगी जमात', कैसे इसने देश को संकट में डाल दिया और किसकी रही गलती...

आखिर क्या है 'तबलीगी जमात', कैसे इसने देश को संकट में डाल दिया और किसकी रही गलती...  22 मार्च को सफलतापूर्वक आयोजित किए गए ‘जनताकर्फ्यू ’ और उसके बाद 24 मार्च  की रात से पूरे देश भर में शुरू किए गए 21 दिन के ‘लोक डाउन’ (lockdown ) के बाद यह लगने लगा था कि भारत विश्वव्यापी कोरोनावायरस को लेकर काफी सार्थक कदम उठा रहा है. सधी हुई रणनीति के साथ निश्चित रूप से इस पर विजय भी पा लेगा. लेकिन लोक डाउन के हफ्ते भर बाद ही एक ऐसी खबर निकल कर सामने आती है जो देशवासियों के अब तक के सारे प्रयासों पर पानी फेरती दिखाई देती है.  29 मार्च की रात से जब पुलिस दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से हजारों जमातियों  को बाहर निकाल कर और उन्हें हॉस्पिटल और क्वॉरेंटाइन सेंटर भेजना शुरु करती है ‘तबलीगी जमात’ यह शब्द काफी चर्चा में आ जाता है. आज इस पूरे घटनाक्रम पर विश्लेषण किया जाएगा - क्या हैं तबलीगी जमात का अर्थ - आपकी जानकारी के लिए बता दें तबलीगी जमात का अर्थ- एक ऐसे समाज से माना गया है जो विश्वास फ़ैलाने का काम करता है. यह एक तरह का इस्लामी मिशनरी मूवमेंट है जो सारे व...

कोरोना से जंग : इमरजेंसी हो, तो लें सकतें हैं E-pass, जानिये कैसे करें डाउनलोड, और कैसे भरें फार्म

देश में इस समय कोरोनावायरस को लेकर महा अभियान चल रहा है इसी के मद्देनजर पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया हैं. यह इस महामारी को रोकने का एक सार्थक कदम हैं. लोगों को रही हैं दिक्कत - लेकिन इस वजह से कई लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा हैं. कोई अपने ग्रह जिले से दूर फॅसा हुआ हैं तो किसी को अपने घर परिवार तक पहुचने में दिक्कत आ रही हैं. इ पास की गई हैं व्यवस्था - लोगों की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए इ पास की व्यवस्था की हैं. यानी इसे बनाने के लिए लोगों को अब किसी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे अपने घर बैठे वे प्रज्ञाम एप से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. ग्रीड बाय प्रज्ञाम एप्प- यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. ईपास प्राप्त करने के लिए इसे डाउनलोड करना पड़ेगा. डाउनलोड करने के बाद ऐप में नीचे की तरफ एक लिंक दी हुई होगी जिस पर क्लिक करना होगा और अप्लाई फॉर ईपास पर जाना होगा. इसके बाद यह आपका नाम और मोबाइल नंबर पूछेगा और आपके मोबाइल पर ओटीपी भी प्राप्त होगी जिसे आप को इस में डालना होगा. दस्तावेजों की होगी जांच -  एप...

CORONA VIRUS : 'COVID19' भारत के इस राज्य ने 'कोरोना' को दी मात, हफ्तों तक घर नहीं गए डॉक्टर

इस समय न सिर्फ भारत बल्कि पूरे देश में कोरोनावायरस का कहर जारी है. चीन के वुहान शहर से प्रारंभ हुई इस बीमारी ने आज वैश्विक आपातकाल जैसी स्थितियां लागू कर दी है. इसी कारण लोग एक दूसरे से मिलने में और सामूहिक समारोह में शामिल होने से भी डर रहे हैं. लेकिन इसी बीच एक सुखद खबर यह भी है कि इस वायरस का इलाज सामान्य बुखार में दी जाने वाली पेरासिटामोल से भी हो सकता है. आपको बता दें केरल में यह साबित भी किया गया है. केरल राज्य के सरकारी डॉक्टरों ने बेहद कड़ी मेहनत और आम दवाओं के जरिए देश में कोरोना के शुरुआती तीनों मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ कर दिया. हालांकि यह काम इतना भी आसान नहीं रहा क्योंकि त्रिशूर में डॉक्टरों की अगुवाई करने वाली है जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केजे रीना 32 दिन और अलाप्पुझा कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनीता 2 सप्ताह तक अपने घर नहीं गई. यहां राज्य सरकार ने बीमारी को देखते हुए तुरंत मेडिकल इमरजेंसी लागू की और बड़े स्वास्थ्य अधिकारियों से लेकर आशा वर्कर को काम पर लगाया और तुरंत ही कॉल सेंटर शुरू किए गए. केरल राज्य के डॉक्टरों की अपने कार्य के प्रति ऐसी वफादारी को ...