ग|लियां और बदतमीजी मुझे भी आती है, मगर सब्र रखता हूँ, सवाल परवरिश पर उठेंगे बस इसलिए चुप रहता हूँ। किशोरावस्था को लेकर मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि यह व्यक्ति के विकास और विनाश की अवस्था है. यदि इस समय किशोर को संस्कार, संस्कृति और सद मार्ग का पोषण मिले तो यह फल फूल देने वाले एक विशाल वृक्ष के रूप में खड़ा हो जाता है वही इसे यदि आधुनिकता के नाम पर गंदी अश्लीलता दुर्भावना क्रोध और कुमार की खाद मिले तो यह एक अनचाही कृषि पैदावार के समान होगा. हाल ही में दिल्ली पुलिस ने इंस्टाग्राम पर बॉयज लॉकर रूम (boys locker room) नाम से ग्रुप चलाने वाले लड़कों को हिरासत में लिया है. इनमें से ज्यादातर लड़के किशोरावस्था में है. इंस्टाग्राम पर लगभग 27 दोस्तों के साथ यह ग्रुप चल रहा था. जिसमें उनकी स्कूल की लड़कियों के फोटो थे और वहां पर सभी रेप और सेक्स के बारे में चर्चा करते थे. पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब इस ग्रुप के ही एक लड़के ने ग्रुप की चैट की कुछ स्क्रीनशॉट्स सोशल मिल गया पर सार्वजनिक कर दिए. आजकल की विकसित होती युवा पीढ़ी के बीच किस तरह की मानसिकता चल रही है इसे देखकर न...
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